क्रमांक 23: तीन साल जेल सड़ता

कोई बंदा यूं कहे, नहीं करूं यह काम ।
बाधा डाले काम में, दौड बिगाडे काम ।।

दौड बिगाडे काम, या गलत उत्तर देवे ।
बिना मंजूरी लेय, तथ्य सभी बता देवे ।।


‘वाणी‘ टीम बनाय, वो धंधा यही करता ।
जुर्माना है हजार, तीन साल जेल सड़ता ।।


भावार्थः- यदि कोई व्यक्ति इस कार्य को करने से मना करता या कार्य में जानबुझकर बाधा डालता, बार-बार जनगणना के कार्य को बिगाडने की कोषिष करता, जानबुझकर गलत उत्तर देता है तो न्याय की तराजू में वह बेषक सजा का पात्र है।
‘वाणी‘ कविराज कहना चाहते है कि यदि उसने अपनी कोई टीम गठित कर ली है या वह अकेला ही इन कार्यो में निरन्तर बाधाऐं पहुंचा रहा है तो बिना मंजूरी के कोई गोपनीय तथ्य वह किसी को बता रहा है तो ऐसी परिस्थितियों में जनगणना अधिनियम 1948 अथवा जनगणना 1990 की धारा 11(1) व 11(2) के अन्तर्गत उक्त अपराधों का स्पष्ट वर्णन किया गया है। गंभीरता के अनुरूप सजा बताई गई। 1000/- रू. तक का जुर्माना व 3 वर्ष तक की सजा प्रावधान है। सभी को यथासंभव इस प्रकार की सजा से बचने का प्रयास करते हुए अपने कार्य की गुणवत्ता पर ही विषेष ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

http://lh3.ggpht.com/_Yqwe1FOKJyM/SC1VrTFUjaI/AAAAAAAAAUI/ajRJ4TcOTKY/gavel.gif